लोकप्रिय नेता शमीम अहमद पूर्वी चंपारण में विधान सभा क्षेत्र नरकटिया 12 से 31540 वोट से जीते।

Must read

सैय्यद अहमद मुज्तबा – “वामिक जौनपुरी”

सैय्यद अहमद मुज्तबा “वामिक जौनपुरी" 23 अक्टूबर 1909 को एतिहासिक शहर जौनपुर से लगभग आठ किमी दूर कजगांव में स्थित लाल कोठी...

अहमद नदीम क़ासमी

अहमद नदीम क़ासमी का जन्म 20 नवंबर 1916 को हुआ था, और मृत्यु 10 जुलाई 2006, वह उर्दू भाषा के पाकिस्तानी कवि,...

IAS कपल टीना डाबी और अतहर खान अलग होंगे, जयपुर कोर्ट में तलाक की दरखास्त पेश की

2015 में UPSC टॉप करने वाली IAS अफसर टीना डाबी और उनके IAS पति अतहर खान ने जयपुर की फैमिली कोर्ट में...

लोकप्रिय नेता शमीम अहमद पूर्वी चंपारण में विधान सभा क्षेत्र नरकटिया 12 से 31540 वोट से जीते।

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा - अपने विश्वास व समर्थन को बरकरार रखते हुए हमें एक बार फिर आपकी सेवा का...

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा – अपने विश्वास व समर्थन को बरकरार रखते हुए हमें एक बार फिर आपकी सेवा का मौका देने के लिए नरकटिया की जनता का धन्यवाद ।

मैं डॉ शमीम अहमद आप सभी को वचन देता हूँ कि मैं नरकटिया के विकास को समर्पित रहूंगा। मेरा हर कार्य नरकटिया की जनता के पक्ष में होगा और इस क्षेत्र को विकास की और आगे बढ़ाएगा ।

मेरे इस सफर में मेरे साथ रहने के लिए सभी पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जनों का विशेष आभार।

उनके बारे में बारे में विस्तार से जानने के लिए पढ़ें –

Read More

More articles

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

सैय्यद अहमद मुज्तबा – “वामिक जौनपुरी”

सैय्यद अहमद मुज्तबा “वामिक जौनपुरी" 23 अक्टूबर 1909 को एतिहासिक शहर जौनपुर से लगभग आठ किमी दूर कजगांव में स्थित लाल कोठी...

अहमद नदीम क़ासमी

अहमद नदीम क़ासमी का जन्म 20 नवंबर 1916 को हुआ था, और मृत्यु 10 जुलाई 2006, वह उर्दू भाषा के पाकिस्तानी कवि,...

IAS कपल टीना डाबी और अतहर खान अलग होंगे, जयपुर कोर्ट में तलाक की दरखास्त पेश की

2015 में UPSC टॉप करने वाली IAS अफसर टीना डाबी और उनके IAS पति अतहर खान ने जयपुर की फैमिली कोर्ट में...

लोकप्रिय नेता शमीम अहमद पूर्वी चंपारण में विधान सभा क्षेत्र नरकटिया 12 से 31540 वोट से जीते।

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा - अपने विश्वास व समर्थन को बरकरार रखते हुए हमें एक बार फिर आपकी सेवा का...

विरादराने-वतन के नाम – अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ

जुमेरात (गुरुवार), १५ दिसम्बर १९२७ की शाम फैजबद जेल की काल कोठरी से अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ ने अपना यह आखिरी पैगाम हिन्दुस्तान के अवाम...
%d bloggers like this: